PPN(KATNI) - नगर निगम कटनी क्षेत्र के हजारों जलकर उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी के नेतृत्व में मेयर इन काउंसिल की बैठक में जलकर पर लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज को समाप्त कर उसकी जगह मात्र 15 प्रतिशत साधारण ब्याज लागू करने का ऐतिहासिक प्रस्ताव अनुमोदित करते हुए निगम सम्मिलन के समक्ष स्वीकृति हेतु पेश कर दिया गया है।
विदित हो कि पूर्व में भी वर्ष 2013 में पूर्व महापौर निर्मला पाठक और परिषद द्वारा उक्त संबंध में निर्णय लिया गया था, किन्तु सक्षम आदेश जारी न होने के कारण इसका क्रियान्वयन संभव नहीं हो सका। नगर निगम के सभी उपभोक्ताओं को जो सुविधा 2013 में मिलते-मिलते रह गई थी अब वह महापौर प्रीति संजीव सूरी एवं एमआईसी सदस्यों के प्रयासों से जल्द मिल सकने की उम्मीद जागी है ।
जनभावनाओं का सम्मान करते हुए लिया निर्णय
महापौर श्रीमती सूरी की मौजूदगी में आयोजित हुई एमआईसी की बैठक में जलकर व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। लंबे समय से नागरिकों द्वारा चक्रवृद्धि ब्याज के कारण बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर पीड़ा जाहिर की जा रही थी। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मेयर इन काउंसिल ने संवेदनशीलता दिखाते हुए यह बड़ा निर्णय लेकर प्रस्ताव को अनुमोदित किया है।
यह निर्णय केवल राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यवस्था सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रस्ताव के तहत प्रमुख रूप से बकाया जलकर पर चक्रवृद्धि ब्याज समाप्त करने, केवल 15% साधारण ब्याज लागू करने, हर वर्ष अप्रैल में 12 माह का अग्रिम जलकर भुगतान करने पर 1 माह की छूट प्रदान करने, 31 अगस्त 2026 तक एकमुश्त भुगतान करने पर बकाया अधिभार में 50% तक की छूट प्रदान करने जैसे जनहितैषी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है।
हजारों उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
जनता की पीड़ा लगातार शिकायत प्राप्त होने के बाद महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह जनभावनाओं के अनुरूप है। अन्य नगर निगमों के नियमों का अध्ययन करने के बाद ही यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। परिषद से अंतिम स्वीकृति मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और लंबित वसूली में भी तेजी आएगी।
बैठक में मेयर इन काउंसिल सदस्य सुभाष साहू, डॉ. रमेश सोनी, सुरेंद्र गुप्ता, उमेंद्र अहिरवार, जय नारायण निषाद, श्रीमती बीना संजू बैनर्जी, सुमन राजू माखीजा एवं तुलसा गुलाब बेन सहित निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
जल प्रदाय समिति के प्रभारी सदस्य उमेन्द्र अहिरवार ने बताया कि वर्ष 2013 में तत्कालीन परिषद द्वारा लिए गए निर्णय तथा वर्तमान में नागरिकों द्वारा लगातार की जा रही मांगों सहित उनके आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लागू होते ही उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
यह निर्णय केवल वित्तीय सुधार नहीं, बल्कि नागरिकों के प्रति संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण है। इससे न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि नगर निगम और नागरिकों के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।

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