परेशानियों से घिरे पूंजीपति विधायक ने लिया एक और उड़ता तीर


PPN(KATNI) - पूर्व मंत्री, वर्तमान विजयराघवगढ़ विधायक और हाल ही में भाजपा  प्रदेश कार्य समिति के सदस्य नियुक्त हुए संजय सत्येंद्र पाठक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, भलाई का काम करने पर भी ग्रहों की चाल उल्टी पड़ जा रही है । उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में विवाहित महिला के साथ में हुए दुष्कर्म के मामले में बयान जारी कर पीड़िता की पहचान उजागर कर एक और उड़ता तीर ले लिया है। 

ताजा मामला उनके एक करीबी सोशल मीडिया पत्रकार का है, जिसकी एक सप्ताह पहले जहर खाने पर उसके इलाज का पूरा खर्च उठाकर जान बचाई , आज उसी के  विरोध में खड़े होकर सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया, जिसमें दुषकर्म पीड़ित महिला की उन्होंने पूरी पहचान उजागर कर दी।

संजय सतेन्द्र पाठक का सोशल मिडिया में जारी बयान तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह दुषकर्म पीड़िता के ससुर के साथ खड़े होकर संवेदना व्यक्त करते हुए आरोपी शेरा मिश्रा को खुली चेतावनी दे रहे है। 

इस पूरे प्रकरण में वे ये भूल बैठे कि वह कानून का उल्लंघन कर रहे है।

देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी भी माध्यम (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया) में बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जा सकती। भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा (जो पूर्व में भारतीय दंड संहिता की धारा 228 A के समतुल्य है) के तहत बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर करना दंडनीय अपराध है। पीड़िता का नाम फोटो पता परिवार का विवरण और कार्यस्थल उजागर करना अथवा ऐसी कोई जानकारी जिससे प्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से उजागर होती है उसका प्रकाशन या प्रसारण दंडनीय है। विधायक जैसे जिम्मेदार पद पर होने के बावजूद संजय सत्येंद्र पाठक द्वारा दुष्कर्म पीड़िता की पहचान किस मंशा से उजागर की गई ये तो वही जाने लेकिन इससे वो एक नई मुसीबत में घिर सकते हैं।

Post a Comment

0 Comments